भारत की तीसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) के शेयरधारकों के लिए यह हफ्ता बहुत हलचल भरा रहा है. कंपनी ने हाल ही में 13 जुलाई 2026 को चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही (Q1) के शानदार नतीजे जारी किए हैं. कंपनी का मुनाफा बाजार की उम्मीदों से काफी बेहतर रहा है. हालांकि, अच्छे नतीजों के बाद भी शेयर मार्केट में कंपनी के शेयरों में करीब 3% से 4.5% तक की गिरावट देखने को मिली है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि एचसीएल टेक के बिजनेस में इस समय क्या चल रहा है.
मुनाफे और रेवेन्यू में बंपर बढ़ोतरी
एचसीएल टेक ने जून 2026 में खत्म हुई इस तिमाही में ₹4,626 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है. अगर हम पिछले साल की इसी जून तिमाही (₹3,844 करोड़) से तुलना करें, तो कंपनी का मुनाफा पूरे 20.3% बढ़ चुका है. वहीं, पिछली तिमाही के मुकाबले भी इसमें 3% की बढ़त हुई है.
कमाई के मामले में भी कंपनी ने बढ़िया प्रदर्शन किया है. इस तिमाही में एचसीएल टेक का कुल रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल इसी दौरान ₹30,349 करोड़ था. कंपनी का कामकाजी मुनाफा मार्जिन भी बढ़कर 16.9% हो गया है.
निवेशकों को ₹12 का अंतरिम डिविडेंड
कंपनी ने अपने शेयर होल्डर्स को खुश करते हुए ₹12 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है. कंपनी के बोर्ड ने इस डिविडेंड को पाने के लिए 17 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय किया है. इसका मतलब है कि जिन लोगों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, उन्हें यह फायदा मिलेगा. यह पैसा 27 जुलाई 2026 को निवेशकों के खातों में भेज दिया जाएगा.
एआई (AI) और नए ऑर्डर्स का रिकॉर्ड
एचसीएल टेक के सीईओ सी. विजयकुमार ने बताया कि कंपनी को जून तिमाही में अब तक के सबसे बड़े नए ऑर्डर्स मिले हैं. कंपनी ने कुल $2.4 बिलियन (करीब 240 करोड़ डॉलर) के नए सौदे पक्के किए हैं.
आजकल की सबसे नई टेक्नोलॉजी यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से होने वाली कंपनी की कमाई भी 62.1% बढ़कर $171 मिलियन (करीब 17.1 करोड़ डॉलर) पर पहुंच गई है. इसके साथ ही, कंपनी ने एआई डेटा सेंटर बिजनेस में उतरने के लिए ₹3,500 करोड़ के बड़े निवेश का प्लान बनाया है, जिससे वह भविष्य में 50 मेगावाट तक की क्षमता तैयार करेगी.
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शेयर क्यों गिरे और ब्रोकरेज की क्या है राय?
इतने शानदार नतीजों के बाद भी शेयर में गिरावट की मुख्य वजह यह है कि कंपनी ने पूरे साल के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को नहीं बढ़ाया है. कंपनी को उम्मीद है कि इस साल उसकी ग्रोथ 1% से 4% के बीच ही रहेगी. बाजार को उम्मीद थी कि बड़े ऑर्डर्स मिलने के बाद कंपनी अपना टारगेट बढ़ाएगी.
नतीजों के बाद बड़े ब्रोकरेज हाउस की राय बंटी हुई है. Motilal Oswal ने इस शेयर पर ‘Buy’ रेटिंग देते हुए ₹1,450 का टारगेट दिया है. Nomura ने भी इसे खरीदने की सलाह दी है और ₹1,290 का टारगेट रखा है. वहीं दूसरी तरफ JPMorgan ने इस पर ‘Underweight’ रेटिंग रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 तय किया है.