गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में आईटी (IT) सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस (Infosys) के शेयरों में शानदार रिकवरी देखने को मिल रही है. बीते बुधवार को भारी बिकवाली के चलते कंपनी का स्टॉक करीब पांच साल में पहली बार ₹1,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे चला गया था. हालांकि, आज बाजार खुलते ही निवेशकों ने निचले स्तरों पर जमकर खरीदारी की है.
इस तेजी के पीछे इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी का वह बयान है, जिसने आईटी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों का डर दूर कर दिया है. वार्षिक आम बैठक (AGM) में उन्होंने साफ किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आईटी कंपनियों को खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनके काम को और मजबूत करेगा. कंपनी ने साल 2030 तक $400 बिलियन के बड़े एआई-फर्स्ट सर्विसेज मार्केट को टारगेट करने का लक्ष्य रखा है.
Infosys का शेयर बाजार में प्रदर्शन
आज यानी 2 जुलाई को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इंफोसिस का शेयर ₹1,006.40 पर ओपन हुआ. देखते ही देखते खरीदारों के दम पर यह ₹1,035 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया. यह इसके पिछले बंद भाव ₹985.30 के मुकाबले लगभग 5% की बड़ी बढ़त है. शेयर की कीमत में आए इस उछाल के बाद इंफोसिस का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन (मार्केट कैप) बढ़कर ₹4.19 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है. कल के मुकाबले आज ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी इजाफा देखा गया है.
2020 के बाद पहली बार ₹1,000 से नीचे
इंफोसिस के निवेशकों के लिए पिछला कुछ समय काफी दबाव भरा रहा है. कल यानी 1 जुलाई को स्टॉक 1.51% की गिरावट के साथ ₹985.30 पर बंद हुआ था. सितंबर 2020 के बाद यह पहला मौका था जब इंफोसिस का भाव ₹1,000 के स्तर से नीचे टूटा. साल 2026 में अब तक यह पूरा आईटी सेक्टर करीब 30% और इंफोसिस का शेयर अपने ऊंचे स्तरों से लगभग 39% तक टूट चुका है.
बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर तकनीकी खर्चों में आ रही सुस्ती के चलते शेयरों पर दबाव था. इंफोसिस का 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर जहां ₹1,728 रहा है, वहीं इसका 52-हफ्ते का निचला स्तर ₹982.40 दर्ज किया गया है, जिसके बेहद करीब जाकर आज स्टॉक ने बाउंस बैक किया है.
इंफोसिस के तिमाही नतीजे
Infosys के बोर्ड की अगली अहम बैठक 23 जुलाई 2026 को होने जा रही है, जिसमें वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) के नतीजों का ऐलान किया जाएगा. बाजार विश्लेषक इस तिमाही में कंपनी की कुल आमदनी करीब ₹41,000 करोड़ रहने का अनुमान लगा रहे हैं. इसके साथ ही ऑपरेटिंग मार्जिन 20.5% से 21.5% के बीच रहने की उम्मीद है.
कंपनी के पिछले प्रदर्शन को देखें तो मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही में इंफोसिस ने ₹46,402 करोड़ की कुल बिक्री पर ₹8,509 करोड़ का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) कमाया था. हालांकि, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने कमजोर वैश्विक मांग को देखते हुए चेतावनी दी है कि कंपनी अगले वित्त वर्ष के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के ऊपरी हिस्से में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती कर सकती है.