शेयर बाजार में वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron and Steel) के शेयरों में लगातार 12वें कारोबारी सत्र में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है. शेयर बाजार के ट्रेड-टू-ट्रेड (T2T) सेगमेंट से बाहर आते ही इस स्टॉक ने आज एक नया रिकॉर्ड बना दिया है.
आज के शुरुआती कारोबार में कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 10% तक उछलकर ₹38.78 के नए लाइफटाइम हाई पर पहुंच गया. इस ताजा उछाल के बाद, महज तीन हफ्ते से भी कम समय में इस शेयर ने अपने निवेशकों को लगभग 85% का तगड़ा रिटर्न दिया है.
T2T सेगमेंट से बाहर आते ही आई तेजी
वेदांता ग्रुप के ऐतिहासिक डीमर्जर (Demerger) के बाद वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (VISL) की मार्केट में लिस्टिंग 15 जून 2026 को हुई थी. लिस्टिंग के समय एनएसई पर इसका बेस प्राइस ₹20 तय किया गया था, जबकि बीएसई पर यह ₹22.25 पर लिस्ट हुआ था.
शुरुआती 10 दिनों के नियम के मुताबिक यह शेयर टी2टी (T2T) सेगमेंट में ट्रेड कर रहा था, जहां सिर्फ अनिवार्य डिलीवरी पर ही काम होता है और इंट्राडे ट्रेडिंग की इजाजत नहीं होती. यह पाबंदी 30 जून 2026 को खत्म हो गई, जिसके बाद आज खुले बाजार में निवेशकों ने इस पर जमकर दांव लगाया.
मार्केट कैप में भारी बढ़ोतरी
लगातार अपर सर्किट और तेजी के चलते कंपनी का मार्केट वैल्यूएशन (मार्केट कैप) अब बढ़कर करीब ₹15,140.31 करोड़ हो चुका है. लिस्टिंग के वक्त कंपनी की कुल बाजार कैप ₹7,821 करोड़ के आसपास थी. इसका मतलब है कि सिर्फ 12 दिनों के सफर में कंपनी की वैल्यू में लगभग ₹7,319 करोड़ का इजाफा हुआ है.
शेयर की कीमतों में आ रही इस अस्वाभाविक और तेज हलचल को देखते हुए बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने मंगलवार शाम को कंपनी से स्पष्टीकरण (Clarification) भी मांगा है. एक्सचेंज का कहना है कि वे निवेशकों के हितों की सुरक्षा के लिए इस मूवमेंट की वजह जानना चाहते हैं.
दिग्गज इन्वेस्टर का भरोसे
बाजार के जानकारों का मानना है कि इस स्टॉक की रफ्तार के पीछे एक बड़ी वजह दिग्गज संस्थागत निवेशक (Institutional Investor) का भरोसा है. विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी के मालिकाना हक वाली ‘प्रेमजी इन्वेस्ट’ की शाखा (PI Opportunities AIF V LLP) ने लिस्टिंग के तुरंत बाद कंपनी में बड़ा निवेश किया था.
प्रेमजी इन्वेस्ट ने बल्क डील के जरिए ₹21.02 प्रति शेयर के भाव पर करीब 4.84 करोड़ शेयर खरीदे थे. इस पूरी डील की कीमत ₹101.68 करोड़ (करीब ₹102 करोड़) थी. इस भारी खरीदारी ने रिटेल निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर एक बेहद पॉजिटिव माहौल तैयार कर दिया.
Vedanta Iron and Steel का बिजनेस
Vedanta Iron and Steel भारत से लेकर अफ्रीका तक फैले अपने विशाल नेटवर्क में आयरन ओर (लोह अयस्क) की खोज, माइनिंग और प्रोसेसिंग का काम करती है. कंपनी के पास लगभग 4 अरब टन (4 Billion Tonnes) का विशाल आयरन ओर रिजर्व है, जो अगले 50 सालों तक कच्चे माल की सुरक्षा देता है.
इसके अलावा कंपनी पिग आयरन, स्टील, वायर रॉड्स, टीएमटी बार और सीमेंट का उत्पादन भी करती है. बोकारो में इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ‘ईएसएल स्टील’ 1.5 एमटीपीए (MTPA) क्षमता का इंटीग्रेटेड स्टील प्लांट चलाती है. कंपनी का लक्ष्य भविष्य में 15 मिलियन टन क्षमता का स्टील बिजनेस खड़ा करना है.