शनिवार, 4 जुलाई 2026 को शेयर बाजार बंद होने के बावजूद Hitachi Energy India Ltd के शेयर चर्चा का विषय बने हुए हैं. बीते कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार, 3 जुलाई को कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई थी. सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन Hitachi Energy का स्टॉक NSE पर 8.10% की बड़ी गिरावट के साथ ₹31,040 पर बंद हुआ.
बाजार के जानकारों के मुताबिक, इस भारी गिरावट के पीछे केंद्र सरकार का एक नया फैसला है. सरकार ने हाल ही में पावर सेक्टर के प्रोजेक्ट्स के लिए भारत में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट चलाने वाली चुनिंदा चीनी कंपनियों को सरकारी बोलियों (Bids) में शामिल होने की छूट दे दी है. इस फैसले से बिजली क्षेत्र के उपकरणों के बाजार में कम्पटीशन काफी बढ़ने की आशंका है, जिसका सीधा असर Hitachi Energy जैसी स्थापित कंपनियों के सेंटीमेंट पर पड़ा है.
स्टॉक परफॉरमेंस
शुक्रवार को Hitachi Energy का शेयर पिछले बंद भाव ₹33,775 के मुकाबले ₹32,085 पर खुला था. कारोबार के दौरान बिकवाली के भारी दबाव के चलते यह ₹30,400 के निचले स्तर तक चला गया. हालांकि, दिन के अंत में यह थोड़ा संभलकर ₹31,040 पर स्थिर हुआ. यह इस स्टॉक के लिए लगातार चौथे दिन की गिरावट रही, जिससे निवेशकों को शॉर्ट टर्म में बड़ा झटका लगा है.
इस बड़ी गिरावट के बाद भी कंपनी का मार्किट कैप ₹1,38,374.90 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है. गौर करने वाली बात यह है कि 1 जून 2026 को ही इस शेयर ने ₹38,800 का अपना 52-हफ्ते का उच्चतम स्तर छुआ था. हालिया सुधार के बाद अब यह स्टॉक अपने हाई लेवल से करीब 18.76% नीचे आ चुका है, जबकि 16 जनवरी 2026 को दर्ज इसके 52-हफ्ते के निचले स्तर ₹16,104 से यह अभी भी लगभग 95% ऊपर बना हुआ है.
क्या है न्यूज़?
सरकार के नए आदेश के अनुसार, भारत में फैक्ट्रियां लगाने वाली चार चीनी कंपनियों को दो साल की समय-सीमा के लिए पावर सेक्टर के प्रोजेक्ट्स में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी गई है. इनमें TBEA Energy और नानजिंग इलेक्ट्रिक इंडिया (Nanjing Electric India) जैसी कंपनियां शामिल हैं. इस कदम का उद्देश्य देश के बिजली पारेषण (Power Transmission) नेटवर्क को मजबूत करने के लिए उपकरणों की कमी को दूर करना है.
इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हिताची एनर्जी इंडिया के MD और CEO N Venu ने सकारात्मक रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला देश में रिन्यूएबल एनर्जी की तेजी से बढ़ती मांग और वैश्विक सप्लाई चेन में आ रही रुकावटों को देखते हुए एक व्यावहारिक कदम है. उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार सभी कंपनियों के लिए एक समान अवसर सुनिश्चित करेगी, जिससे उन्हें भारत में ₹4,000 करोड़ के कुल निवेश को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी.
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वित्तीय रिकॉर्ड
बिजली उपकरणों और ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज कंपनी Hitachi Energy ने हाल ही में वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4 FY26) के बेहतरीन नतीजे पेश किए थे. इस तिमाही में कंपनी का परिचालन रेवेन्यू सालाना आधार पर 46.2% बढ़कर ₹2,754.1 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था. वहीं कंपनी का कर-पश्चात शुद्ध लाभ (PAT) भी करीब 80% की सालाना बढ़त के साथ ₹330.5 करोड़ रुपये रहा.
कंपनी के पास 31 मार्च 2026 तक ₹29,555.3 करोड़ रुपये का एक मजबूत ऑर्डर बैकलॉग मौजूद है, जो इसके आने वाले समय के रेवेन्यू को सुरक्षा देता है. भारत में चलने वाली करीब 80% मेट्रो परियोजनाओं और वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों में हिताची के स्थानीय स्तर पर निर्मित ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है. यही कारण है कि लंबी अवधि के प्रदर्शन में इस शेयर ने पिछले एक साल में अपने निवेशकों को लगभग 55% से 70% तक का शानदार रिटर्न दिया है.